http://shreeramshakti.blogspot.com/?m=1 समाज और साहित्य: जून 2021

शुक्रवार, 11 जून 2021

ईदगाह कहानी का सार


                         ईदगाह 
                                                                       प्रेमचंद
इसके लेखक प्रेमचंद जी है |कहानी के माद्यम से हमें पाठ का परिचय दियागया |सन १८८०,जुलाई ३ मेकाशी में एक गरीब घराने आपका जन्म हुआ |इनके बचपन का नाम धनपत राय श्रीवास्तव था |नौकरी करते हुए इन्होने बी. ए. पास किया |इन्हें "उपन्यास सम्राट" भी कहा जाता है |इनकी कहानिया मानसरोवर शीर्षक से आठ खंडो में संकलित है |

गोदान ,सेवासदन ,निर्मला आदि इनके प्रमुख उपन्यास है |बढे घरकी बेटी ,कफन आदि प्रमुख है यह कहानी मुसलमानो के पवित्र त्योहार रमजान पर आधारित हैं|रमजान के दिन मुसलमान परिवारों में विसेश्कर बच्चों में अधिक उस्थाह दिखाई देती है |सभी बहोत प्रसन्न थे |हामिद बहोत प्रसन्न था |वह चार-पांच साल का गरीब सूरत का दुबला पतला लड़का था |उसके माता - पिता नै है |उपनी बूढी दादी अमीना के साथ रहता था |ईद के दिन दादी बहोत दुखी है कि उस दिन उनके घर में एक दाना भी खाने केलिए नहीं था |

हामिद को अकेला ईद गाह गाना पद रहा है |ईद गाह के पास खूब खरीद दारी चल रही है |हामिद मेले में एक चिमटा खरीद कर उपने दादी केलिए लाता है|उपने लिए खिलोने ,मिठाई न लेकर दादी केलिए चिंता ले आता है ताकि दादी की रोटी बनाते समय हाथ ना जले यह कहानी छोटे बच्चों के मन में बड़ों के प्रति सहानुभूति और प्रेम की भावना की व्याख्या करती है